
नई दिल्ली: 1 अप्रैल को सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर ‘वॉर लॉकडाउन नोटिस’ तेजी से वायरल होने के बाद लोगों में घबराहट फैल गई। अशोक चक्र और सरकारी मंत्रालय जैसे प्रतीकों के साथ बनाए गए इस नोटिस को कई लोगों ने असली सरकारी आदेश समझ लिया।
हालांकि बाद में यह साफ हो गया कि यह नोटिस महज अप्रैल फूल का मजाक था और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
मंत्री ने अफवाहों को बताया झूठा
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया कि लॉकडाउन को लेकर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी प्रकार के लॉकडाउन प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है और लोगों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और अफवाहें फैलाने से बचें।
सरकारी आदेश जैसा दिख रहा था नोटिस
मंगलवार को वायरल हुए इस नोटिस का फॉर्मेट और भाषा बिल्कुल सरकारी आदेश की तरह बनाई गई थी। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने बिना जांच किए इसे आगे फॉरवर्ड कर दिया।
लेकिन जब दस्तावेज को खोला गया तो उसमें ‘April Fool’ लिखा हुआ मिला, साथ ही एक इमोजी भी दिया गया था। इससे साफ हो गया कि यह फर्जी नोटिस केवल मजाक के लिए तैयार किया गया था।








