अम्बेडकरनगर में कुपोषण उन्मूलन कार्यशाला

अम्बेडकरनगर में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में “कुपोषण मुक्त अम्बेडकर नगर” विषयक कार्यशाला का आयोजन महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में किया गया। इस अवसर पर सभी 09 विकास खंडों में चिन्हित गंभीर (सैम) और मध्यम (मैम) कुपोषित बच्चों की स्थिति का विस्तृत विश्लेषण किया गया। कुल 1665 सैम और 5866 मैम बच्चों को सुपोषित श्रेणी में लाने के लिए ठोस रणनीति तय की गई।

तीन माह में भियांव, भीटी और टांडा ब्लॉक कुपोषण मुक्त

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अगले तीन माह में आकांक्षी विकास खंड भियांव, भीटी और टांडा को कुपोषण मुक्त बनाया जाए। प्रथम चरण में 409 बच्चों को कुपोषण श्रेणी से बाहर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए लगभग 200 अधिकारियों को दो-दो बच्चों को गोद लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई। अधिकारियों को नियमित रूप से बच्चों के घर और आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर उनकी प्रगति की साप्ताहिक मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।

पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की सुनिश्चितता

सैम बच्चों को आईसीडीएस योजना के अंतर्गत दोगुना पोषाहार और अतिरिक्त पोषण पोटली का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। सभी बच्चों का समय पर टीकाकरण और आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। बुधवार को आयोजित वीएचएनडी सत्र में बच्चों को स्वास्थ्य जांच और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराए जाने का भी निर्देश दिया गया।

सामाजिक सहभागिता और जागरूकता

जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी, आशा, एएनएम, कोटेदार और ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अभिभावकों को संतुलित आहार और पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। जो ग्राम सर्वप्रथम कुपोषण मुक्त होगा, उसे अतिरिक्त विकासात्मक सुविधाएं प्रदान करने की घोषणा भी की गई।

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