
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है।
‘शिक्षा सरकार की प्राथमिकता नहीं’
अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार में शिक्षा कभी प्राथमिकता नहीं रही। हजारों प्राइमरी स्कूल बंद हो चुके हैं और पढ़ाई की व्यवस्था प्रभावित हुई है। इससे गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर पड़ा है।
‘युवाओं को वैज्ञानिक सोच से दूर किया जा रहा’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को वैज्ञानिक सोच, शोध और नवाचार से दूर कर रही है और उन्हें रूढ़िवादी विचारधारा की ओर धकेला जा रहा है, ताकि लोग सवाल न करें।
सपा सरकार के कार्यों का किया जिक्र
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार के समय प्राइमरी स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया था। मिड-डे मील में बेहतर व्यवस्था, बच्चों को फल-दूध और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास किए गए थे।
लैपटॉप योजना और शिक्षामित्रों का मुद्दा उठाया
उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने 18 लाख छात्रों को लैपटॉप वितरित किए थे, जो कोविड काल में काफी उपयोगी साबित हुए। वहीं, शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाकर उनका वेतन बढ़ाया गया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने उनके साथ अन्याय किया।
‘शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा’
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है और पढ़ाई महंगी होती जा रही है, जिससे गरीब परिवारों के लिए बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो रहा है।









