
- गेमिंग ऐप के जरिए युवकों को बनाया जाता था शिकार
- पैसे हारने के बाद किडनी डोनेट करने के लिए दबाव
- 20-25 लाख रुपए देने का किया जाता था वादा
कानपुर। कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े एक संगठित रैकेट का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोप है कि इस गिरोह द्वारा युवकों को पहले गेमिंग ऐप के जरिए जाल में फंसाया जाता था और फिर उन्हें आर्थिक नुकसान के बाद किडनी डोनेट करने के लिए मजबूर किया जाता था।
जानकारी के मुताबिक, युवकों को ऑनलाइन गेमिंग में पैसे हारने के बाद 20 से 25 लाख रुपए देने का लालच दिया जाता था। इसके बदले उनसे किडनी डोनेट करने के लिए कहा जाता था।
अगर कोई युवक मना करता था, तो उसे अमेरिका और लंदन की कथित रिसर्च दिखाई जाती थी। इन रिसर्च में ऐसे लोगों का उदाहरण दिया जाता था, जो एक किडनी के साथ जन्म लेकर भी सामान्य और स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। इस तरह युवकों का धीरे-धीरे ब्रेनवॉश किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, इसी तरीके से आयुष नाम के युवक को भी इस जाल में फंसाकर उसकी किडनी निकलवाई गई। इस मामले में एक ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ का भी खुलासा हुआ है, जो Delhi के एक बैंक में खोला गया था। ऐसे खातों का इस्तेमाल आमतौर पर साइबर ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता है।
Kanpur Police अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि पैसे का लेन-देन किन-किन जगहों पर हुआ।
वहीं, इस मामले में जेल में बंद एजेंट Shivam Agarwal के बयान आज दर्ज किए जाएंगे, जिससे इस रैकेट से जुड़े और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।









