कानपुर में टाइपिंग टेस्ट फेल बाबुओं को डिमोट कर चपरासी बनाया गया

डीएम ने तीन बाबुओं की वेतन वृद्धि पर भी रोक लगाई, नियमों के अनुसार जॉइनिंग के 1 साल में पास होना था अनिवार्य

  • दो साल में दोनों बार टाइपिंग टेस्ट में फेल
  • डीएम ने उनकी वेतन वृद्धि पर भी रोक लगाई
  • डिमोट किए गए बाबू: प्रेमनाथ यादव, अमित कुमार यादव, नेहा श्रीवास्तव

कानपुर: कानपुर में मंगलवार को प्रशासनिक कार्यवाही के तहत तीन बाबुओं को डिमोट कर चपरासी बना दिया गया। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ये बाबू एक मिनट में 25 शब्द भी टाइप नहीं कर पाए।

जानकारी के मुताबिक, प्रेमनाथ यादव, अमित कुमार यादव और नेहा श्रीवास्तव दो साल पहले मृतक आश्रित कोटे से नौकरी जॉइन कर चुके थे। नियमों के अनुसार जॉइनिंग के एक साल के भीतर टाइपिंग टेस्ट पास करना अनिवार्य होता है।

तीनों बाबुओं ने दो साल में दो बार टाइपिंग टेस्ट दिया, लेकिन दोनों बार फेल हो गए। इसके बाद डीएम ने न केवल उन्हें डिमोट किया बल्कि उनकी वेतन वृद्धि पर भी रोक लगा दी।

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