जिला कारागार में बंदियों के कौशल विकास की पहल शुरू

अंबेडकरनगर। जिला कारागार में बंदियों के पुनर्वास और कौशल विकास की दिशा में नई पहल की गई है। जिलाधिकारी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) अंबेडकरनगर के सहयोग से इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

प्रांगण में हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कारागार प्रांगण में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन, जेल प्रशासन और आरसेटी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया और इसे बंदियों के भविष्य से जोड़कर एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

बंदियों को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण के तहत बंदियों को बिजली मरम्मत और इलेक्ट्रीशियन कार्य से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इससे वे जेल के भीतर ही बिजली संबंधी छोटी समस्याओं का समाधान करने में सक्षम होंगे। साथ ही रिहाई के बाद वे स्वरोजगार अपनाकर अपनी आजीविका चला सकेंगे।

पुनर्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर

अधिकारियों के अनुसार यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि बंदियों के सामाजिक पुनर्वास की दिशा में एक प्रयास है। प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है।

जेल प्रशासन का मानना है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बंदी सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं और समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं।

भविष्य में और प्रशिक्षण की योजना

जेल अधीक्षक ने इस कार्यक्रम के लिए जिलाधिकारी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बंदियों के कौशल विकास के लिए भविष्य में भी इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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