
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने जनहित में बड़ा फैसला लेते हुए गंगा एक्सप्रेसवे को 15 दिनों के लिए टोल फ्री रखने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर यह निर्णय लागू किया गया है, जिससे आम जनता इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे पर बिना किसी शुल्क के यात्रा कर सकेगी।
सीओडी लागू होते ही लिया गया फैसला
यह फैसला एक्सप्रेसवे की कमर्शियल ऑपरेशन डेट (COD) तय होने के साथ ही लागू किया गया। इंडिपेंडेंट इंजीनियर द्वारा प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी होने के बाद इसे आम उपयोग के लिए तैयार घोषित कर दिया गया है।
जनता को मिलेगा फ्री राइड का अनुभव
करीब 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर 15 दिन तक बिना टोल यात्रा का अवसर लोगों को इसकी गुणवत्ता और सुविधाओं से रूबरू कराएगा। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग इस हाई-स्पीड कॉरिडोर का अनुभव कर सकें।
पीपीपी मॉडल पर बना मेगा प्रोजेक्ट
गंगा एक्सप्रेसवे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत विकसित किया गया है। इसमें कन्सेशन कंपनियों को 27 साल तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है। हालांकि, 15 दिन की टोल छूट से होने वाले नुकसान की भरपाई राज्य सरकार या संबंधित एजेंसी द्वारा की जाएगी।
मेंटेनेंस और सुरक्षा पर सख्ती
यूपीडा ने स्पष्ट किया है कि टोल फ्री अवधि के दौरान भी सड़क की गुणवत्ता, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी ऑपरेशन और मेंटेनेंस नियम सख्ती से लागू रहेंगे।
कनेक्टिविटी और विकास को मिलेगा बढ़ावा
मेरठ से Prayagraj तक फैला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है और इसे यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। यह परियोजना पर्यटन, व्यापार और आवागमन को नई गति देगी।









