
देश : ममता बनर्जी भारतीय राजनीति की सबसे प्रभावशाली महिला नेताओं में गिनी जाती हैं। पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी एक बार फिर विधानसभा चुनाव 2026 के बाद चर्चा में हैं। चुनावी हार के बीच अब लोग उनकी निजी जिंदगी और अविवाहित रहने के फैसले को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।
5 जनवरी 1955 को कोलकाता में जन्मीं ममता बनर्जी ने लंबे संघर्ष के बाद राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने वर्ष 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की और बाद में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव लाया।
संघर्ष से बनीं ‘दीदी’
ममता बनर्जी के पिता का निधन तब हो गया था जब वह केवल 17 वर्ष की थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष करना पड़ा। बताया जाता है कि उन्होंने परिवार की मदद के लिए छोटे-मोटे काम भी किए।
ममता ने खुद को पूरी तरह राजनीति और जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कई बार कहा कि उनके पास निजी जीवन के बारे में सोचने का समय नहीं था और बंगाल की जनता ही उनका परिवार है। यही वजह रही कि उन्होंने कभी शादी नहीं की।
उनकी सादगी भी हमेशा चर्चा में रही है। सफेद सूती साड़ी और साधारण चप्पल उनकी पहचान बन चुकी है। इसके पीछे उनकी साधारण जीवनशैली और बचपन में देखी गई आर्थिक तंगी को वजह माना जाता है।
भारतीय राजनीति में Mayawati, Uma Bharti और J. Jayalalithaa जैसी कई महिला नेताओं ने भी अविवाहित रहकर राजनीति और जनसेवा को प्राथमिकता दी।









