
प्रयागराज। प्रयागराज जिले की सभी तहसीलों में अब कंप्यूटराइज्ड खतौनी की निर्धारित दरें सार्वजनिक रूप से दीवारों पर लिखवा दी गई हैं। जिला प्रशासन ने यह कदम लोगों को सही शुल्क की जानकारी देने और कर्मचारियों द्वारा की जा रही मनमानी वसूली पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया है।
अतिरिक्त वसूली की मिल रही थीं शिकायतें
जिले की विभिन्न तहसीलों में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कंप्यूटराइज्ड खतौनी निकालने के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। नियम के अनुसार प्रति खतौनी 15 रुपये शुल्क तय है, जबकि पांच पेज से अधिक होने पर प्रति अतिरिक्त पेज एक रुपये अतिरिक्त लिया जाना चाहिए।
लेकिन आरोप था कि अधिकांश तहसीलों में कर्मचारियों द्वारा आम लोगों से सीधे 20 रुपये प्रति खतौनी वसूले जा रहे थे।
हर साल निकलती हैं लाखों खतौनियां
सदर, सोरांव, बारा और हंडिया समेत जिले की लगभग सभी तहसीलों में यह स्थिति बनी हुई थी। बताया गया कि हर साल करीब 90 लाख खतौनियां जारी की जाती हैं। ऐसे में अतिरिक्त वसूली से बड़ी रकम इकट्ठा होने की आशंका जताई जा रही थी।
खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया
मामले को मीडिया में प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। इसके बाद सभी तहसीलों में खतौनी शुल्क की दरें सार्वजनिक रूप से लिखवाई गईं ताकि आम लोगों को सही जानकारी मिल सके।









