
- 11 मई से बाजार में बढ़ सकती है हलचल
- Q4 रिजल्ट पर निवेशकों की नजर
- अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार प्रभावित हो सकता है
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली अहम फैक्टर
मुंबई। 11 मई से शुरू होने वाले कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है। बाजार की चाल मुख्य रूप से कंपनियों के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर निर्भर रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बड़ी कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। वहीं, वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने या विदेशी निवेशकों की बिकवाली तेज होने पर दबाव देखने को मिल सकता है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को इस सप्ताह सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर विशेष नजर रखनी चाहिए। सपोर्ट वह स्तर होता है, जहां शेयर या इंडेक्स को गिरावट से सहारा मिलता है और खरीदारी बढ़ने लगती है। वहीं, रेजिस्टेंस वह स्तर होता है, जहां बिकवाली बढ़ने से बाजार को ऊपर जाने में मुश्किल आती है।
अगर बाजार रेजिस्टेंस जोन को पार कर लेता है तो आगे तेजी की संभावना मजबूत हो जाती है। ऐसे में निवेशकों को सावधानी और रणनीति के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।









