
- स्मार्ट एडहेसिव से ब्रेसेस होंगे ज्यादा मजबूत
- दांतों के इनेमल की भी करेगा मरम्मत
- व्हाइट स्पॉट लीजन बनने का खतरा होगा कम
नई दिल्ली। दांतों के टेढ़ेपन को ठीक करने के लिए ऑर्थोडॉन्टिक उपचार यानी फिक्स्ड ब्रेसेस लगवाने वाले मरीजों के लिए वैज्ञानिकों ने एक बड़ी राहत देने वाली तकनीक विकसित की है। शोधकर्ताओं द्वारा तैयार किया गया नया “स्मार्ट एडहेसिव” न केवल ब्रेसेस के ब्रैकेट को दांतों पर अधिक मजबूती से चिपकाए रखता है, बल्कि उपचार के दौरान दांतों के इनेमल की मरम्मत करने में भी मदद करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह नई तकनीक ब्रेसेस हटाने के दौरान दांतों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकती है। सामान्यतः लंबे समय तक ब्रेसेस पहनने से दांतों के आसपास सफेद चाक जैसे धब्बे बनने लगते हैं, जिन्हें “व्हाइट स्पॉट लीजन” कहा जाता है। यह दांतों की सड़न का शुरुआती संकेत माना जाता है।
लार के जरिए करेगा इनेमल की सुरक्षा
शोधकर्ताओं ने बताया कि यह स्मार्ट एडहेसिव लार में कैल्शियम और फॉस्फेट आयन छोड़ता है। इससे दांतों के इनेमल पर दोबारा खनिज परत बनने लगती है और दांत मजबूत बने रहते हैं। यह प्रक्रिया दांतों की प्राकृतिक सुरक्षा को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
ब्रेसेस मरीजों के लिए बड़ी राहत
दंत विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज उन लाखों मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है जो लंबे समय तक ब्रेसेस पहनते हैं। नई तकनीक से न केवल दांतों की सुंदरता बनी रहेगी, बल्कि उपचार के बाद होने वाली दंत समस्याओं का खतरा भी कम होगा।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि यह तकनीक व्यापक स्तर पर सफल साबित होती है तो भविष्य में ऑर्थोडॉन्टिक उपचार अधिक सुरक्षित और प्रभावी बन सकता है।









