मनरेगा से रास्ता बनाने में मिला साढ़े चार लाख रुपये का गबन

अंबेडकरनगर। सोशल आडिट टीम ने कटेहरी ब्लाक के दो गांवों में साढ़े चार लाख रुपये का गबन पकड़ा है। चकमार्गो की पटाई से लेकर बिना काम कराए श्रमिकों को मजदूरी भुगतान करने आदि की वित्तीय अनियमितता मिली है। इसकी वसूली व आरोपितों पर विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोशल आडिट टीम धरातल पर शासन की मंशा को साकार करने लगी है। मनरेगा से हुए विकास कार्य का सत्यापन कराने के साथ गड़बड़ी को पकड़ना शुरू कर दिया है। ताजा मामला विकासखंड कटेहरी के अंगवल और खेंवार गांव में पकड़ा गया है। यहां वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2020-21 के बीच हुई वित्तीय अनियमितता मिली है।

ग्राम पंचायत अंगवल में हृदयराम के चक से नीरज के चक तक मार्ग का वित्तीय वर्ष 2018-19 में निर्माण कराया गया। इसमें दो लाख 24 हजार 350 रुपये खर्च किया गया। वहीं, हरि प्रसाद के चक से भारत के घर तक वित्तीय वर्ष 2020-21 में चकमार्ग बनाया गया। इसमें एक लाख 73 हजार 865 रुपये खर्च हुए। उक्त दोनों मार्गों का धरातल पर निर्माण कराना पुष्ट ही नहीं हुआ। लिहाजा उक्त ग्राम पंचायत में तीन लाख 98 हजार 215 रुपये का गबन पाया गया है। ग्राम पंचायत खेंवार में विनय सिंह के खेत से सर्वजीत सिंह के खेत तक तथा पक्की सड़क से नाला तक वित्तीय वर्ष 2020-21 में चकमार्ग के निर्माण पर पांच-पांच हजार रुपये की लागत से बोर्ड लगाए जाने का भुगतान हुआ है। स्थल पर बोर्ड लगा नहीं पाया गया। मनरेगा श्रमिक रामअनुज को वित्तीय वर्ष 2018-19 में 13125 रुपये मजदूरी का भुगतान किया गया है।

 

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