बारिश में फिर बढ़ा गोमती का प्रदूषण

नदी पर दिखी सफेद झाग की परत

  • 27 बड़े नालों का पानी गोमती में गिर रहा
  • बारिश के साथ बढ़ा प्रदूषण और झाग
  • एसटीपी पर बढ़ा दबाव, बिना शोधित पानी पहुंचा नदी में
  • सफाई पर करोड़ों खर्च, फिर भी नहीं सुधरी स्थिति

लखनऊ। मानसून की बारिश शुरू होते ही गोमती नदी में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ गया है। शहर के कई हिस्सों में नदी की सतह पर सफेद झाग की मोटी परत दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान नालों का बिना पूरी तरह शोधित पानी नदी में पहुंचने से जल गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

27 बड़े नालों का पानी पहुंच रहा नदी में

लखनऊ के 27 बड़े नालों का पानी सीधे गोमती नदी में गिर रहा है। इनके साथ सड़ी-गली पत्तियां, पौधे, मिट्टी और अन्य कचरा भी नदी में पहुंच रहा है। बारिश के कारण नालों में पानी का बहाव बढ़ने से झाग बनने की समस्या और गंभीर हो गई है।

एसटीपी पर बढ़ा दबाव

बारिश के दौरान सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर क्षमता से अधिक पानी पहुंचता है। ऐसे में कई बार पूरा सीवर का पानी शोधन नहीं हो पाता और उसका कुछ हिस्सा सीधे गोमती नदी में चला जाता है। इससे नदी के पानी की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।

जलीय जीवों पर भी खतरा

बढ़ते प्रदूषण का असर नदी में रहने वाली मछलियों और अन्य जलीय जीवों पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते प्रदूषण से नदी का पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।

सफाई पर खर्च, फिर भी नहीं सुधरी तस्वीर

गोमती नदी की सफाई और सीवेज शोधन पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद हर मानसून में नदी में सफेद झाग और गंदे पानी की समस्या सामने आ जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि तमाम योजनाओं के बावजूद गोमती की स्थिति में स्थायी सुधार क्यों नहीं हो पा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button