अम्बेडकरनगर। जिले की महत्वाकांक्षी शैक्षिक परियोजनाओं में शामिल मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अकबरपुर विकासखंड के रामपुर सकरवारी गांव में बन रहे विद्यालय में स्थानीय लोगों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि भवन निर्माण में मानक के अनुरूप ईंटों के बजाय कमजोर गुणवत्ता की ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
23.23 करोड़ की है परियोजना
निर्माण स्थल पर लगे सूचना बोर्ड के अनुसार मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण बेसिक शिक्षा विभाग के तहत उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की अयोध्या निर्माण इकाई द्वारा कराया जा रहा है। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 2323.58 लाख रुपये (करीब 23.23 करोड़ रुपये) है। निर्माण कार्य 17 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ है और इसे 17 अक्टूबर 2027 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है।
ईंटों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही कई ईंटें अपेक्षित गुणवत्ता की नहीं हैं। उनका आरोप है कि साइट पर ऐसी ईंटें भी दिखाई दे रही हैं, जो कमजोर हैं और आसानी से टूट रही हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
निर्माण स्थल की स्थिति भी चर्चा में
निर्माण स्थल पर अभी शुरुआती चरण का कार्य चल रहा है। परिसर में कई स्थानों पर निर्माण सामग्री बिखरी हुई दिखाई दी, जबकि कुछ हिस्सों में पानी भरा हुआ भी नजर आया। इसी दौरान निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटों को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।









