अंबेडकरनगर। वर्ष 2020 में निजी बस के कंडक्टर उपेंद्र कुमार उर्फ लाला की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी मोहम्मद असलम को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार हत्या की वजह एकतरफा प्रेम था।
बस से उतरने के बाद लापता हुआ था कंडक्टर
अभियोजन के अनुसार, सम्मनपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद गंगिला निवासी उपेंद्र कुमार उर्फ लाला निजी बस में कंडक्टर था। 22 सितंबर 2020 को वह बस से लखनऊ से लौटने के बाद अकबरपुर के तहसील तिराहे पर बस के खलासी मोहम्मद असलम के साथ उतरा था।
घर पहुंचने से पहले उपेंद्र ने अपनी पत्नी शाहिदा बानो से फोन पर बात की थी। उसने खाना तैयार रखने की बात कहते हुए जल्द घर आने की जानकारी दी थी। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचा।
गुमशुदगी के बाद हत्या का मामला आया सामने
उपेंद्र के घर नहीं लौटने पर 25 सितंबर 2020 को शाहिदा बानो ने अकबरपुर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि असलम गांव में लोगों से कह रहा था कि उसने अपना बदला ले लिया है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पहले असलम की शादी की बात शाहिदा बानो से चल रही थी। बाद में शाहिदा ने उपेंद्र से प्रेम विवाह कर लिया था। अभियोजन ने इसी को हत्या की वजह बताया।
झाड़ियों में मिला था शव, जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। 26 सितंबर 2020 को अकबरपुर के जौहरडीह क्रॉसिंग के पास झाड़ियों से उपेंद्र का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपी असलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।









