साहिबाबाद। इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘समावेशी विकास के लिए अंतरिक्ष अनुप्रयोग’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य अंतरिक्ष एवं आधुनिक प्रौद्योगिकी को प्रयोगशालाओं, बड़े संस्थानों और विशेषज्ञों तक सीमित रखने के बजाय समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में जागरूकता और नवाचार को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोनी, गाजियाबाद के विधायक नंद किशोर गुर्जर रहे। विशिष्ट अतिथियों में इसरो के पूर्व निदेशक डॉ. ए.सी. माथुर, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस) के पूर्व शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार, दिल्ली स्थित डीएसओएडी की प्रमुख डॉ. सुजी मोल तथा इंडो प्लैनेटएक्स स्पेस वॉल्ट एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं संस्थापक डॉ. अंकित चौधरी शामिल रहे।
कार्यक्रम में आईपीईसी के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, निदेशक डॉ. डी.के. शर्मा, संगोष्ठी की संयोजक डॉ. पूजा त्रिपाठी तथा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के प्रमुख सहित संस्थान के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि नंद किशोर गुर्जर ने इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में स्थित अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र का भ्रमण किया। उन्होंने केंद्र में संचालित गतिविधियों, तकनीकी कार्यों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी ली तथा केंद्र की पहल की सराहना की।
वक्ताओं ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का वास्तविक लाभ तभी व्यापक स्तर पर समाज तक पहुंच सकता है, जब इसे आम लोगों की आवश्यकताओं और विकास से जोड़ा जाए। अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के माध्यम से शिक्षा, कृषि, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, संचार और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में प्रभावी समाधान विकसित किए जा सकते हैं।
संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य के नवोन्मेषक, शोधकर्ता, उद्यमी, वैज्ञानिक और समस्या-समाधानकर्ता के रूप में तैयार करने पर जोर दिया गया। अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र का उद्देश्य शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाकर देश में अंतरिक्ष अनुप्रयोगों का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।
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