जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार सुबह चलती स्कूल बस में अचानक भीषण आग लग गई। हादसे के समय बस में 17 बच्चे सवार थे। इंजन से धुआं उठते ही ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस रोक दी और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चों के बाहर निकलने के कुछ ही मिनट बाद बस पूरी तरह आग की चपेट में आ गई।
धुआं उठते ही ड्राइवर ने बस रोकी
हादसा मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे सदर थाना क्षेत्र के धऊवा गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि बस चलते समय उसके इंजन से अचानक धुआं निकलने लगा।
ड्राइवर ने खतरा भांपते हुए तुरंत बस रोक दी और बच्चों को एक-एक कर बाहर निकाल लिया। बच्चों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते पूरी बस आग का गोला बन गई।
तीन दमकल गाड़ियों ने बुझाई आग
बस में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक बस पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो चुकी थी।
हादसे में किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई। हालांकि बस में रखे बच्चों के स्कूल बैग, कॉपी-किताबें और अन्य सामान जलकर राख हो गए।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बस की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। सदर थाना प्रभारी महेंद्र कुमार सीरवी ने बताया कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उन्हें उनके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया है।
पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।
13 दिन पहले खत्म हो चुका था फिटनेस सर्टिफिकेट
जांच के दौरान एक अहम लापरवाही भी सामने आई है। बताया गया कि जिस स्कूल बस में आग लगी, उसका फिटनेस सर्टिफिकेट 13 दिन पहले ही समाप्त हो चुका था।









