- खाद्य एवं औषधि विभाग ने निकार्डिया की 590 टैबलेट जब्त कीं
- नडियाद में 660 टैबलेट के नमूने जांच के लिए भेजे
- संदिग्ध दवाओं की सप्लाई चेन में लखनऊ की कंपनी का नाम सामने आया
गुजरात के खाद्य एवं औषधि विभाग ने संदिग्ध और नकली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निकार्डिया (ब्लड प्रेशर की दवा) की 590 टैबलेट जब्त की हैं। इसके अलावा नडियाद जिले के एक मेडिकल स्टोर से 660 टैबलेट के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
जांच के दौरान निकार्डिया रिटार्ड 20, सिलाकार 5, सिलाकार 10, सिलाकार टीएम 50 और निकार्डिया रिटार्ड 10 समेत कई दवाओं के नमूने लिए गए हैं। विभाग ने करीब 1.70 लाख रुपये कीमत के संदिग्ध दवा स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी है।
डुप्लीकेट निकार्डिया की सूचना से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल लिमिटेड, भरूच की निकार्डिया रिटार्ड 10 टैबलेट के बैच नंबर ACG25007 की डुप्लीकेट दवा की सूचना मिलने के बाद हुई।
जांच में सामने आया कि दवा अहमदाबाद के पालडी स्थित पार्श्व मेडिकल एजेंसी से भावनगर की एपेक्स फार्मा एजेंसी के जरिए उमराला स्थित रोटरी टिंबी मेडिकल स्टोर तक पहुंची थी।
इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो लखनऊ की सेना फार्मास का नाम भी सप्लाई चेन में सामने आया।
लखनऊ से गुजरात तक पहुंची दवा की सप्लाई
जांच के दौरान सामने आई शुरुआती सप्लाई चेन के मुताबिक, लखनऊ स्थित सेना फार्मास से दवा अहमदाबाद की पार्थ मेडिकल एजेंसी तक पहुंची। इसके बाद दवा के पारस इकोमेड, साणंद मेडिकल स्टोर और सेटेलाइट स्थित लीलावती फार्मेसी एंड वेलनेस तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, लखनऊ स्थित कंपनी की भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों की ओर से अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध दवा की सप्लाई किस माध्यम से हुई।









