- UDP के 12 में से 8 विधायकों के भाजपा में जाने की चर्चा
- पार्टी अध्यक्ष मेहतबा लिंगदोह ने कहा- विधायक एकजुट हैं
- तीन UDP विधायकों ने नेतृत्व से मतभेद की बात से किया इनकार
शिलॉन्ग। मेघालय की यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) में टूट की अटकलों ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, UDP के 12 में से 8 विधायक भाजपा का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक इन विधायकों की ओर से पार्टी छोड़ने या भाजपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। UDP अध्यक्ष मेहतबा लिंगदोह ने पार्टी के विधायकों के एकजुट होने का दावा किया है।
यह चर्चा शनिवार को उस समय तेज हुई, जब UDP के पूर्व विधायक जेमिनो मावथोह भाजपा में शामिल हो गए। फिलहाल मेघालय विधानसभा में भाजपा के दो विधायक हैं। अगर UDP के 8 विधायक भाजपा में शामिल होते हैं, तो पार्टी की संख्या बढ़कर 10 हो सकती है।
भाजपा बन सकती है दूसरी सबसे बड़ी पार्टी
विधायकों के भाजपा में जाने की स्थिति में विधानसभा में भाजपा, नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। वर्तमान में राज्य में मेघालय डेमोक्रेटिक अलाइंस (MDA) की सरकार है। इस गठबंधन में NPP के साथ UDP और भाजपा भी शामिल हैं।
ऐसे में UDP में संभावित टूट का असर केवल पार्टी के भीतर ही नहीं, बल्कि राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन के समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
बैठक में 6 विधायक नहीं पहुंचे
शिलॉन्ग में 11 सितंबर को UDP की सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक हुई थी। इस बैठक में पार्टी के छह विधायक शामिल नहीं हुए। इसके बाद ही पार्टी में संभावित टूट को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ा।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि UDP के तीन विधायक—कैबिनेट मंत्री लखमेन रिंबुई, बलाजिद कुफर सिनरेम और ओलान सिंग सुइन—भाजपा के संपर्क में हैं।









