- बागलुंग में भूस्खलन से घर मलबे में दबा
- हादसे में महिला और तीन बेटों की मौत
- पाल्पा में दो लोगों की जान गई
काठमांडू। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए हैं। बागलुंग और पाल्पा समेत कई जिलों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बागलुंग जिले में भूस्खलन की चपेट में एक घर आ गया, जिसमें एक महिला और उसके तीन बेटों की मौत हो गई। पाल्पा जिले में भी दो लोगों की जान गई है।
बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई घर और पुल बह गए हैं। कई स्थानों पर हाईवे और सड़कें बंद होने से यातायात प्रभावित हुआ है। बुटवल में बाढ़ प्रभावित इलाकों से करीब 1000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं।
बुटवल में बढ़ा बाढ़ का खतरा
रुपनदेही जिले के बुटवल में तिनाऊ नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। रिपोर्ट के मुताबिक नदी किनारे करीब 200 घर खतरे की चपेट में थे और सुरक्षा कर्मियों ने रातभर अभियान चलाकर करीब 1000 लोगों को सुरक्षित निकाला। बाढ़ के पानी से कई घरों को नुकसान भी पहुंचा है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
नारायणी नदी खतरे के निशान से ऊपर
लगातार बारिश के कारण नेपाल की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। देवघाट में नारायणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। अधिकारियों ने जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका जताते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
बारिश के कारण कई पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। जगह-जगह मलबा आने से यातायात रोकना पड़ा है।
यह भी पढ़े :https://www.tamsasanket.com/nepal-flood-landslide-heavy-rain-six-dead/
अगस्त की भोटेकोशी बाढ़ का असर अभी जारी
नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और तलाश अभियान अब भी जारी है। 12 सितंबर तक राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक 1,386 शव बरामद किए जा चुके थे और 5,130 लोग लापता थे।
बाद के अपडेट में आंकड़ों में और बदलाव दर्ज हुआ है। 24 सितंबर के एक अपडेट में 1,410 मौतों और 6,145 लापता लोगों का उल्लेख किया गया। अधिकारियों के अनुसार खोज और पहचान की प्रक्रिया जारी रहने के कारण आंकड़े बदल सकते हैं।
नेपाल में लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने नदियों के जलस्तर और भूस्खलन संभावित इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है।









