- आरएसएस प्रमुख तीन देशों की यात्रा पर जाएंगे
- प्रवासी भारतीय संगठनों के निमंत्रण पर हो रहा दौरा
- जयराम रमेश ने IIT निदेशकों को लेकर किया दावा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह विभिन्न कार्यक्रमों में भारतीय प्रवासी समुदाय से संवाद करेंगे।
आरएसएस के अनुसार, भागवत को विदेशों में भारतीय समुदाय से जुड़े स्थानीय संगठनों और संस्थाओं की ओर से आमंत्रित किया गया है। दौरे के दौरान भारतीय संस्कृति, समाज और संघ की गतिविधियों से जुड़े विषयों पर प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत होने की संभावना है।
जयराम रमेश ने IIT निदेशकों को लेकर किया दावा
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने दावा किया है कि कई IIT निदेशकों से अपने पूर्व छात्रों के संपर्क में रहने और उन्हें अमेरिका में मोहन भागवत से मुलाकात के लिए तैयार करने को कहा गया है।
हालांकि, इस दावे को लेकर संबंधित IIT संस्थानों या आरएसएस की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।
शताब्दी वर्ष में हो रहा विदेश दौरा
भागवत का यह दौरा आरएसएस के शताब्दी वर्ष के दौरान हो रहा है। आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने पहले बताया था कि भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की यात्रा करेंगे।
इस दौरान प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े संगठनों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ उनकी बैठकें और संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
Gen-Z को लेकर भी दिया था बयान
इससे पहले मुंबई में भागवत ने Gen-Z और Gen-Alpha के युवाओं से संवाद किया था। उन्होंने कहा था कि युवा पीढ़ी पुरानी पीढ़ी की तुलना में अधिक ईमानदार और देशभक्त है और उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा था कि युवाओं के साथ संवाद में कमी के कारण ऐसी स्थिति बनी। कार्यक्रम में 11 से 19 वर्ष की उम्र के करीब 2,000 छात्र शामिल हुए थे।









