अंबेडकरनगर। एनटीपीसी टांडा में शनिवार शाम हिंदी पखवाड़ा 2026 की काव्य संध्या कविता के अलग-अलग रंगों से सजी। मंच पर कभी हास्य रचनाओं से ठहाके गूंजे तो कभी व्यंग्य के जरिए समसामयिक विषयों पर नजर गई। देशभक्ति की कविताओं ने कार्यक्रम को अलग स्वर दिया। सामाजिक विषयों पर आधारित रचनाओं ने श्रोताओं का ध्यान गंभीर मुद्दों की ओर खींचा।
अरुण जेमिनी समेत चार कवियों ने जमाया रंग
काव्य सम्मेलन में अरुण जेमिनी, राजेश अग्रवाल, उपेंद्र पांडेय और शैलेंद्र मधुर ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। चारों कवियों ने अलग-अलग विषय और शैली में काव्य पाठ किया। इससे कार्यक्रम में लगातार विविधता बनी रही।
हास्य कविताओं पर श्रोताओं के बीच ठहाके गूंजे। व्यंग्यात्मक रचनाओं के जरिए रोजमर्रा के सामाजिक और समसामयिक विषयों को सहज अंदाज में सामने रखा गया। इसके बाद देशभक्ति की कविताओं ने कार्यक्रम का स्वर बदला।
एक मंच पर मनोरंजन और समसामयिक विषय
काव्य संध्या में कविता केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही। हास्य के बीच व्यंग्य ने सामाजिक विषयों पर ध्यान खींचा। देशभक्ति की रचनाओं ने राष्ट्रीय भाव को सामने रखा। वर्तमान विषयों पर आधारित कविताओं ने श्रोताओं को गंभीर मुद्दों से भी जोड़ा।
प्रस्तुतियों के दौरान श्रोताओं ने तालियों के साथ कवियों का उत्साह बढ़ाया। अलग-अलग विषयों की रचनाओं के कारण कार्यक्रम में शुरुआत से अंत तक कविता के विविध रंग देखने को मिले।
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