लखनऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर गुरुवार को लखनऊ में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सुशांत गोल्फ सिटी स्थित दयाल बाग-एन इको रिसॉर्ट, आईटी होटल में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
युवा नेता के रूप में राजनीति में आए पासवान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब 50 वर्ष पहले रामविलास पासवान एक युवा नेता के रूप में राजनीति में आए थे। उन्होंने दलितों और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया। बिहार की जनता ने उन्हें समर्थन दिया और वे भारी मतों से संसद पहुंचे।
सीएम ने कहा कि रामविलास पासवान ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार काम किया। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
संसद में साथ काम करने का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें संसद में रामविलास पासवान के साथ लंबे समय तक काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि पासवान के मन में भारत की परंपरा और संस्कृति के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान था।
योगी ने कहा कि रामविलास पासवान की राजनीतिक यात्रा में सामाजिक सरोकार और वंचित वर्गों की आवाज प्रमुख रूप से दिखाई देती थी। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
चिराग पासवान के मिशन को आगे बढ़ाने की बात
सीएम योगी ने कहा कि रामविलास पासवान की भौतिक अनुपस्थिति आज भी महसूस होती है, लेकिन उनकी स्मृतियां लोगों के बीच बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस बात से संतोष होता है कि उनके पुत्र चिराग पासवान उनके मिशन को आगे बढ़ाने में लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री के रूप में अलग-अलग मंचों पर अपनी आवाज को मजबूती से रखने का काम कर रहे हैं। उन्होंने रामविलास पासवान के सामाजिक सरोकारों और सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।









