नई दिल्ली। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर 5% से ज्यादा चढ़कर करीब ₹2,170 तक पहुंच गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹12 प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
TCS का जुलाई-सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 15% बढ़कर ₹13,884 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹12,075 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 11.2% बढ़कर ₹73,188 करोड़ रहा। <Cite refs={[“turn830587search0″,”turn830587search3”]}/>
रेवेन्यू 11% बढ़कर ₹73,188 करोड़
TCS की दूसरी तिमाही में आय में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के ₹65,799 करोड़ से बढ़कर ₹73,188 करोड़ हो गया।
हालांकि, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर पिछली तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू में केवल 0.5% की वृद्धि हुई। इससे संकेत मिलता है कि रिपोर्टेड आय बढ़ने के बावजूद कारोबार की तिमाही-दर-तिमाही रफ्तार सीमित रही।
क्या होता है कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू?
TCS जैसी वैश्विक कंपनियां अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप समेत कई देशों से कमाई करती हैं। डॉलर, यूरो और पाउंड की विनिमय दर में बदलाव से रुपये में दर्ज आय प्रभावित हो सकती है।
कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर तुलना करते समय विदेशी मुद्रा की दरों में बदलाव के प्रभाव को हटाया जाता है। इससे कंपनी के वास्तविक कारोबारी प्रदर्शन और उसकी वृद्धि को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलती है।
₹12 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹12 प्रति इक्विटी शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। यह घोषणा दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ की गई।
कंपनी की घोषणा के मुताबिक, डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर 2026 तय की गई है और भुगतान 30 अक्टूबर को किया जाना है। रिकॉर्ड डेट पर पात्र शेयरधारक इस भुगतान के लिए योग्य होंगे।
AI से कमाई 3.1 अरब डॉलर पहुंची
TCS के कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका बढ़ रही है। कंपनी की सालाना आधार पर आंकी गई AI रेवेन्यू रन रेट 3.1 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। यह कंपनी के कुल रेवेन्यू का 10% से अधिक हिस्सा है।
AI से जुड़ी सेवाओं की मांग को देखते हुए TCS ने नई सुविधाएं भी शुरू की हैं। इनमें पुणे की ‘इंडस्ट्रियल ऑटोनॉमी एंड इंजीनियरिंग लैब’ और बेंगलुरु में एनवीडिया की तकनीक से संचालित ‘ऑटोनॉमस इंजीनियरिंग लैब’ शामिल हैं।
कंपनियां AI का इस्तेमाल बिजनेस प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने, काम को ऑटोमेट करने और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में कर रही हैं। TCS के लिए यह कारोबार भविष्य की वृद्धि का एक अहम क्षेत्र बन रहा है।
सुस्त IT सेक्टर में ₹90 हजार करोड़ के सौदे
वैश्विक IT बाजार में मांग को लेकर सतर्कता के बीच TCS को जुलाई-सितंबर तिमाही में कुल 9.6 अरब डॉलर यानी करीब ₹90 हजार करोड़ के नए सौदे मिले। कंपनी ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण समझौते किए।
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