वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीद पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमतों में तेजी आई है। ट्रम्प प्रशासन ईंधन की आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों को कम करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इस फैसले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि इससे रूस को युद्ध जारी रखने के लिए आर्थिक मदद मिल सकती है।
अमेरिका में डीजल की कीमतें बढ़ने से लिया फैसला
रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था। इसके बाद अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। अब अमेरिका में डीजल की कीमत करीब 6.28 डॉलर प्रति गैलन बताई गई है, जबकि ईरान युद्ध से पहले यह लगभग 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी।
अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने हैं। ऐसे में ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रम्प प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। कीमतों पर दबाव कम करने के लिए प्रशासन आपूर्ति बढ़ाने जैसे कदम उठा रहा है।
ट्रम्प का दावा- रूस बढ़ाएगा डीजल की आपूर्ति
ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि रूस तुरंत तीन लाख टन से अधिक डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में पांच लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। ट्रम्प के मुताबिक, परिस्थितियां अनुकूल रहने पर आगे चलकर 30 लाख टन डीजल भी भेजा जा सकता है।
उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का धन्यवाद करते हुए कहा कि ईंधन की कीमतें कम करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। ट्रम्प ने विशेष रूप से अमेरिकी किसानों, पशुपालकों और ट्रक चालकों के लिए कम कीमतों के महत्व पर जोर दिया।
जेलेंस्की बोले- रूस को युद्ध जारी रखने में मिलेगी मदद
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस से डीजल खरीद की योजना की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से रूस को आर्थिक लाभ होगा, जिसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में कर सकता है।
जेलेंस्की के अनुसार, रूस को मिलने वाला अतिरिक्त राजस्व युद्ध को लंबा खींचने और हमलों की क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन के वार्ताकार युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के तहत अमेरिका के फ्लोरिडा में अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे थे।
रूस पर प्रतिबंधों और भारत-चीन पर टैरिफ का मुद्दा
इस फैसले को लेकर अमेरिकी नीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। खबर के मुताबिक, सितंबर में ट्रम्प ने ऐसे कानून पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है।
ऐसे में रूस से डीजल खरीद पर रोक में अस्थायी राहत देने का फैसला अमेरिकी ऊर्जा जरूरतों और रूस पर दबाव बनाए रखने की नीति के बीच संतुलन से जुड़ा









