रियाद। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शनिवार को हुए हमले में एक भारतीय नागरिक समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए। इसके अगले दिन रविवार को एयरपोर्ट पर फिर हमला हुआ, जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई। इस तरह दोनों हमलों में मरने वालों की संख्या कम से कम 14 हो गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार के हमले के बाद एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन रोक दिया गया था। रविवार को घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले टर्मिनल-3 और टर्मिनल-4 के पास भी हमला हुआ। सऊदी अधिकारियों ने नुकसान का आकलन और एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच शुरू की।
रनवे के पास गिरा गोला, लगी आग
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार रात करीब 8:30 बजे एक अज्ञात गोला एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 के पास गिरा, जिससे आग लग गई। उस समय एक यात्री विमान रनवे पर टैक्सी कर रहा था। घटना के बाद यात्रियों को विमान से उतारकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। अधिकारियों ने हमले से हुए नुकसान और सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू की।एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित
हमलों के बाद रियाद और सऊदी अरब के अन्य हवाई अड्डों के लिए कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा। खबरों के मुताबिक, एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस समेत कई विमानन कंपनियों ने उड़ानें रोकने या उनके संचालन में बदलाव करने की जानकारी दी। यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन से जांचने की सलाह दी गई है।
भारत ने हमले की निंदा की, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
भारत के विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने भी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, जरूरत पड़ने पर घरों के भीतर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। दूतावास ने हमले में घायल भारतीयों और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहने की जानकारी दी।
हूतियों ने सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर दी चेतावनी
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में हमलों की जिम्मेदारी लेने के साथ एयरपोर्ट और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यमन के गृहयुद्ध में सऊदी अरब की भूमिका के विरोध में हमले किए जा रहे हैं। लगातार हमलों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिक हवाई यातायात को लेकर चिंता बढ़ गई है।









