सोने-चांदी की कीमतों में 12 अक्टूबर को गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव 1,005 रुपये घटकर 1,48,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत 235 रुपये कम होकर 2,21,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।
कीमती धातुओं के दाम में आई इस गिरावट के बीच निवेशकों और खरीदारों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर है। हालांकि, सोने-चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
सितंबर में सोना ₹8,000 और चांदी ₹15,000 सस्ती हुई
सितंबर में भी सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त को सोना 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 30 सितंबर को घटकर 1,48,000 रुपये पर आ गया।
इसी तरह, चांदी का भाव 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम से गिरकर 2,22,000 रुपये पर पहुंच गया था। इस दौरान सोना करीब 8,000 रुपये और चांदी लगभग 15,000 रुपये सस्ती हुई।
क्या आगे भी गिरेंगे सोने-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतों पर वैश्विक आर्थिक हालात, ब्याज दरों, डॉलर की चाल और निवेशकों की मांग का असर पड़ता है। बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की मांग को सहारा मिल सकता है, जबकि ब्याज दरों और डॉलर में मजबूती की स्थिति कीमतों पर दबाव डाल सकती है।
ऐसे में कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। किसी बड़ी गिरावट को खरीदारी का मौका मानने से पहले निवेशकों को बाजार की स्थिति, अपनी जरूरत और जोखिम उठाने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए। केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि सोना-चांदी आगे सस्ते होंगे या महंगे।
सोना खरीदते समय इन दो बातों का रखें ध्यान
1. BIS हॉलमार्क जरूर जांचें
सोना खरीदते समय भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क और छह अंकों का हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर जांचें। इससे सोने की शुद्धता की पहचान करने में मदद मिलती है। खरीदारी के समय बिल जरूर लें।
2. अलग-अलग जगह से कीमत की पुष्टि करें
सोना खरीदने से पहले उस दिन का भाव IBJA और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से जांच लें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। इसके अलावा, आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, लागू GST और अन्य शुल्कों को भी समझ लें।
ध्यान दें कि IBJA के भाव और ज्वेलर्स की दुकान पर मिलने वाले अंतिम दाम अलग हो सकते हैं। शहर, आभूषण की बनावट, मेकिंग चार्ज और करों के कारण बिल की कुल कीमत बदल सकती है।









