नई दिल्ली। नवरात्रि, धनतेरस और दिवाली का समय भारत में खरीदारी के लिहाज से सबसे व्यस्त सीजन माना जाता है। इसी को देखते हुए ई-कॉमर्स कंपनियों ने नवरात्रि से पहले ही फेस्टिव सेल शुरू कर दी हैं। मोबाइल, टीवी, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर घर के सामान और फैशन प्रोडक्ट्स तक पर भारी डिस्काउंट के दावे किए जा रहे हैं।
कई प्लेटफॉर्म पर 80% तक छूट, लिमिटेड टाइम डील और फ्लैश सेल जैसे ऑफर दिखाई दे रहे हैं। ऐसे ऑफर ग्राहकों को तुरंत खरीदारी के लिए आकर्षित करते हैं। लेकिन हर बड़ी छूट वास्तव में बड़ा फायदा हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार जल्दबाजी में ऐसी चीजें खरीद ली जाती हैं जिनकी जरूरत नहीं होती या फिर पुराने दाम बढ़ाकर उस पर डिस्काउंट दिखाया जाता है।
अगर आप इस फेस्टिव सीजन में खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखकर पैसे की बचत कर सकते हैं।
पहले जरूरत तय करें, फिर ऑफर देखें
फेस्टिव सेल में खरीदारी करने का सबसे आसान तरीका है कि सेल शुरू होने से पहले अपनी जरूरत की सूची बना लें। अगर आपको फोन खरीदना है तो पहले बजट और जरूरी फीचर्स तय करें। इसी तरह टीवी, लैपटॉप या घर के सामान के लिए भी अपनी जरूरत और बजट पहले तय कर लेना बेहतर है।
ऑफर देखकर अचानक खरीदारी करने से आपका बजट बिगड़ सकता है। इसलिए सवाल यह होना चाहिए कि ‘मुझे इस चीज की जरूरत है या नहीं?’, न कि ‘इस पर कितनी छूट मिल रही है?’
80% डिस्काउंट देखकर तुरंत न खरीदें
फेस्टिव सेल में 50%, 70% या 80% तक छूट देखकर ग्राहक आकर्षित हो जाते हैं। लेकिन किसी प्रोडक्ट की वास्तविक कीमत और डिस्काउंट के बाद मिलने वाली कीमत की तुलना करना जरूरी है।
खरीदारी से पहले उसी मॉडल की कीमत दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और संभव हो तो ऑफलाइन दुकानों पर भी जांच लें। कई बार अलग-अलग वेबसाइट पर एक ही प्रोडक्ट की कीमत में अंतर होता है।
‘लिमिटेड टाइम डील’ के दबाव में न आएं
‘सिर्फ 10 मिनट बाकी’, ‘कुछ ही आइटम बचे हैं’ या ‘ऑफर जल्द खत्म होगा’ जैसे मैसेज ग्राहकों में जल्द खरीदारी करने का दबाव पैदा करते हैं।
अगर प्रोडक्ट की जरूरत है तो कीमत और रिव्यू की जांच करने के बाद ही फैसला लें। केवल टाइमर देखकर खरीदारी करने से बचें।
पुराने और नए दाम जरूर देखें
किसी भी डिस्काउंट को समझने के लिए सिर्फ प्रतिशत देखना पर्याप्त नहीं है। प्रोडक्ट की कीमत पहले कितनी थी और अभी कितनी है, इसकी तुलना करें।
अगर किसी प्रोडक्ट की कीमत कुछ दिन पहले 20 हजार रुपये थी और सेल में उसे 30 हजार रुपये की ‘मूल कीमत’ दिखाकर 33% डिस्काउंट पर 20 हजार में बेचा जा रहा है, तो वास्तविक बचत शून्य है।
इसलिए कीमत का इतिहास देखने वाले भरोसेमंद प्राइस-ट्रैकिंग टूल या अलग-अलग प्लेटफॉर्म की तुलना मददगार हो सकती है।
बैंक ऑफर और कैशबैक की शर्त पढ़ें
फेस्टिव सेल में बैंक कार्ड डिस्काउंट, इंस्टेंट डिस्काउंट, नो-कॉस्ट EMI और कैशबैक जैसे ऑफर भी मिलते हैं। लेकिन इनके साथ कई शर्तें हो सकती हैं।
खरीदारी से पहले यह जरूर देखें कि डिस्काउंट किस कार्ड पर लागू है, न्यूनतम खरीद कितनी होनी चाहिए, अधिकतम छूट कितनी है और कैशबैक कब मिलेगा।









