नई दिल्ली। पंजाब के जालंधर में भगवान वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। 18 अक्टूबर को जालंधर से अमृतसर स्थित श्री रामतीर्थ तक विशाल तीर्थयात्रा निकाली जाएगी। आयोजकों के मुताबिक, इसमें करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। यात्रा में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से लगभग एक हजार बसें पहुंचेंगी।
18 अक्टूबर को आश्रम पहुंचेंगे नायब सैनी
भगवान वाल्मीकि उत्सव कमेटी के प्रधान विपन सभ्रवाल के अनुसार, जालंधर के शांति नगर स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम में 15 अक्टूबर से उत्सव शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 18 अक्टूबर को दोपहर एक बजे आश्रम पहुंचकर माथा टेकेंगे। इसके बाद वह पैदल मार्च में शामिल होंगे और श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे।
मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा के लिए जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों करेंगे।
एक हजार बसों से श्री रामतीर्थ पहुंचेंगे श्रद्धालु
आयोजकों के मुताबिक, पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से करीब एक हजार बसें यात्रा में शामिल होंगी। इनके माध्यम से लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के श्री रामतीर्थ पहुंचने का अनुमान है। वहां श्रद्धालु भगवान वाल्मीकि के पवित्र स्थल पर नमन करेंगे और उनकी शिक्षाओं को याद करेंगे।
तीर्थयात्रा का उद्देश्य भगवान वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ समाज में समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश फैलाना है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होने की अपील की है।
पंजाब में बड़े स्तर पर मनाई जाती है वाल्मीकि जयंती
पंजाब में दलित समुदाय की आबादी करीब 32 प्रतिशत बताई जाती है, जिसमें वाल्मीकि समुदाय की भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। इसी वजह से राज्य में भगवान वाल्मीकि जयंती धार्मिक और सामाजिक उत्सव के रूप में मनाई जाती है। 26 अक्टूबर को पड़ने वाली जयंती से पहले ही कई स्थानों पर कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं।









