केरल में डॉक्टरों का वेतन संकट

डॉक्टरों की अधिक संख्या से रोजगार का संकट, निजी अस्पतालों में कम वेतन पर काम की मजबूरी।

  • जूनियर डॉक्टरों को कम वेतन
  • 24 घंटे तक करनी पड़ रही ड्यूटी
  • हर साल 7 हजार से ज्यादा नए डॉक्टर
  • सरकारी नौकरियों की कमी
  • IMA सर्वे में वेतन पर सवाल

देश में बेहतर मेडिकल सुविधाओं के लिए पहचान रखने वाले केरल में जूनियर डॉक्टरों को रोजगार और वेतन से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में कई एमबीबीएस जूनियर डॉक्टर 12 से 24 घंटे की ड्यूटी के बदले करीब 20 हजार रुपए मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में हर साल 7 हजार से अधिक डॉक्टर तैयार हो रहे हैं, जबकि जरूरत केवल 600 से 700 डॉक्टरों की है। डॉक्टरों की अधिक संख्या के कारण सरकारी अस्पतालों में सभी को रोजगार देना संभव नहीं हो पा रहा है। इसके चलते कई डॉक्टर बेरोजगार हैं या कम वेतन पर निजी अस्पतालों में काम करने को मजबूर हैं।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के एक सर्वे के अनुसार, राज्य के 82% डॉक्टरों को उचित वेतन नहीं मिल रहा, जबकि 81% डॉक्टरों ने कामकाजी परिस्थितियों को बेहद कठिन बताया है।

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