मुंबई। बिजनेस डेस्क। HDFC बैंक ने जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने इस दौरान ₹19,510 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹18,641 करोड़ के मुकाबले करीब 5% अधिक है। बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लोन वितरण, जमा रकम और कर्ज की वसूली से जुड़े आंकड़े भी बैंक के प्रदर्शन की तस्वीर पेश करते हैं।
ब्याज से कमाई बढ़कर ₹34,619 करोड़ पहुंची
बैंक की प्रमुख आय का स्रोत ग्राहकों को दिए गए कर्ज पर मिलने वाला ब्याज है। इससे होने वाली शुद्ध कमाई को नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) कहा जाता है। दूसरी तिमाही में HDFC बैंक की NII बढ़कर ₹34,619 करोड़ हो गई। पिछले साल इसी अवधि में यह करीब ₹31,550 करोड़ थी। इस तरह सालाना आधार पर इसमें लगभग 10% की वृद्धि दर्ज की गई।
लोन और जमा रकम में दोहरे अंकों की बढ़त
30 सितंबर 2026 तक बैंक के कुल ग्रॉस एडवांसेज यानी दिए गए कर्ज का आंकड़ा सालाना आधार पर 16.3% बढ़कर ₹32,19,500 करोड़ पहुंच गया। वहीं, बैंक में कुल जमा रकम 18.8% बढ़कर ₹33,27,400 करोड़ हो गई।
बैंक में जमा राशि में सेविंग और करंट अकाउंट के साथ फिक्स्ड डिपॉजिट की भी अहम भूमिका रही। सेविंग और करंट अकाउंट में जमा रकम यानी CASA में सालाना 10.8% की वृद्धि हुई। कुल जमा में CASA की हिस्सेदारी 31.6% रही। वहीं, फिक्स्ड डिपॉजिट में 22.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
नेट NPA घटकर 0.37% पर आया
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार दर्ज किया गया। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) अनुपात घटकर 0.37% रह गया। पिछली तिमाही में यह 0.41% और पिछले साल की समान तिमाही में 0.42% था।
नेट NPA अनुपात में कमी का मतलब है कि बैंक के फंसे हुए कर्ज का अनुपात घटा है। बैंकिंग क्षेत्र में इस आंकड़े को कर्ज की गुणवत्ता और जोखिम की स्थिति समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
बाजार के अनुमानों के करीब रहे नतीजे
बाजार के जानकारों ने अनुमान लगाया था कि HDFC बैंक का मुनाफा करीब ₹19,567 करोड़ और NII लगभग ₹34,861 करोड़ रह सकती है। वास्तविक आंकड़े इन अनुमानों के करीब रहे। मुनाफे और ब्याज से होने वाली आय में बढ़ोतरी के साथ बैंक के कारोबार में विस्तार भी दर्ज किया गया।
शशिधर जगदीशन ने जताई आगे सुधार की उम्मीद
बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन ने कहा कि बैंक की कुल कमाई अच्छी रही है। उन्होंने आम लोगों और छोटे कारोबारियों को दिए जाने वाले कर्ज में तेजी का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, आने वाली तिमाही में बैंक के मुनाफे के मार्जिन में और सुधार की उम्मीद है। उन्होंने कर्ज की समय पर वसूली और डूबे हुए कर्ज को नियंत्रित रखना बैंक की प्रमुख ताकत बताया।









