पटना। मोकामा से विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्हें एक दिसंबर तक निचली अदालत में सरेंडर कर जेल लौटने का निर्देश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल उनकी जमानत रद्द नहीं की है। मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का भी आदेश दिया गया है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट दोबारा सुनवाई करेगा और जमानत रद्द करने के सवाल पर विचार करेगा।
परिवार में शादी का हवाला, कोर्ट ने दी सरेंडर के लिए समयसीमा
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ के सामने दुलारचंद हत्याकांड में अनंत सिंह को मिली जमानत के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान अनंत सिंह के वकील ने अदालत को बताया कि उनके परिवार में 25 नवंबर को शादी है।
इस पर अदालत ने उन्हें एक दिसंबर तक सरेंडर करने का समय दिया। निर्देश के मुताबिक, अनंत सिंह को निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर जेल लौटना होगा। कोर्ट ने बिहार सरकार को मामले की जांच चार महीने में पूरी करने को कहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले को फिर से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
67 आपराधिक मामलों के रिकॉर्ड पर उठा सवाल
याचिकाकर्ता की वकील शिल्पी चौधरी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल उठाया कि अनंत सिंह के खिलाफ 67 आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद उन्हें हाईकोर्ट से जमानत कैसे मिल गई।
उन्होंने बताया कि अदालत ने फिलहाल जमानत रद्द नहीं की है, बल्कि सरेंडर करने का निर्देश दिया है। चार महीने में जांच पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर दोबारा विचार करेगी। उस समय यह तय होगा कि अनंत सिंह की जमानत रद्द की जानी चाहिए या नहीं।
अनंत सिंह के वकील ने क्या कहा?
अनंत सिंह के वकील कुमार हर्षवर्धन ने बताया कि अभी आदेश की विस्तृत प्रति उपलब्ध नहीं हुई है। हालांकि, अदालत ने अनंत सिंह को निचली अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मामले की आगे की कार्रवाई चार महीने में पूरी करने के लिए राज्य सरकार और संबंधित अदालतों को निर्देश दिए गए हैं।
वकील ने कहा कि पटना हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अनंत सिंह को जमानत दी थी। उनके मुताबिक, हाईकोर्ट के आदेश में इस बात पर भी विचार किया गया था कि अनंत सिंह के खिलाफ हत्या करने का कोई विशिष्ट आरोप नहीं था।
याचिकाकर्ता पक्ष ने आपराधिक रिकॉर्ड का उठाया मुद्दा
याचिकाकर्ता के वकील अमरकांत पटेल ने कहा कि अनंत सिंह के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और जबरन वसूली जैसे आरोपों से जुड़े मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कुल 67 मामले दर्ज होने की बात चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे में भी दर्ज है।









