मुबंई। दुनिया के बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) में साइबर सेंधमारी की खबर सामने आई है। शुरुआती दावों के मुताबिक, इस घटना में 5 अरब डॉलर से ज्यादा यानी करीब 50 हजार करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी चोरी होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद कंपनी ने कथित तौर पर जमा और निकासी की सुविधा पर रोक लगा दी है। हालांकि, चोरी की रकम और घटना की पूरी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जमा और निकासी पर रोक का मतलब है कि ग्राहक फिलहाल अपने अकाउंट में नया पैसा या क्रिप्टो जमा नहीं कर सकेंगे और न ही वहां मौजूद रकम बाहर निकाल पाएंगे। बताया जा रहा है कि सुरक्षा जांच पूरी होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।
5 अरब डॉलर से ज्यादा की चोरी का अनुमान
क्रिप्टो एक्सपर्ट्स और एनालिटिक्स फर्मों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इस साइबर हमले में 5 अरब डॉलर से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी चोरी हुई है। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 50 हजार करोड़ रुपये बैठती है।
हालांकि, इतनी बड़ी रकम की चोरी के दावे को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। जांच में यह पता लगाया जाना है कि सेंधमारी किस सिस्टम में हुई, कितने अकाउंट या डिजिटल वॉलेट प्रभावित हुए और वास्तव में कितनी संपत्ति चोरी हुई।
बिटकॉइन समेत क्रिप्टो बाजार में गिरावट
हैकिंग की खबर के बाद बिटकॉइन समेत दूसरी क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आने का दावा किया गया है। बाजार में इस तरह की खबरों से निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ सकती है।
क्रिप्टो बाजार में कीमतें मांग, सप्लाई और निवेशकों के भरोसे से प्रभावित होती हैं। किसी बड़े एक्सचेंज की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने पर निवेशक सतर्क हो जाते हैं और इसका असर डिजिटल करेंसी की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
बाइनेंस ने जमा और निकासी पर लगाई रोक
दी गई जानकारी के मुताबिक, सेंधमारी का पता चलते ही बाइनेंस ने ग्राहकों के लिए जमा और निकासी की सुविधा रोक दी। इसका उद्देश्य संदिग्ध लेन-देन को रोकना और ग्राहकों की डिजिटल संपत्ति को सुरक्षित रखना बताया गया है।
कंपनी की सुरक्षा टीमें कथित तौर पर साइबर विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही हैं। साथ ही संदिग्ध लेन-देन के रास्तों को बंद करने की कोशिश की जा रही है।









