पूर्वोत्तर राज्यों की सांस्कृतिक छाया में पढ़ेगा अंबेडकरनगर

  • नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ शिक्षा विभाग ने उठाए बहुआयामी कदम, छात्रों को राष्ट्रीय एकता, सशक्तिकरण और अनुभवजन्य ज्ञान से जोड़ने की पहल।
  • पूर्वोत्तर राज्यों के अध्ययन से लेकर शक्ति मंच तक, स्कूलों में शुरू हुआ समग्र विकास का नया अध्याय।
  • 2025–26 में शिक्षण के साथ-साथ मूल्यांकन, सुरक्षा, संवाद और अनुभव आधारित ज्ञान को दी जा रही प्राथमिकता

अंबेडकरनगर: माध्यमिक स्कूलों में 2025–26 का शैक्षिक सत्र पूरे जोश और नई सोच के साथ शुरू हो चुका है। इस बार सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और छात्र सशक्तिकरण पर भी खास ज़ोर दिया जा रहा है।

 अरुणाचल-मेघालय बनेंगे नए सत्र के ज्ञान के केंद्र

इस साल छात्रों को देश की विविधता और संस्कृति से जोड़ने के लिए अरुणाचल प्रदेश और मेघालय को अध्ययन का हिस्सा बनाया गया है। इन राज्यों की संस्कृति, इतिहास, भूगोल और आर्थिक पहलुओं पर विशेष कार्यक्रम होंगे। इससे बच्चों में देश के अलग-अलग हिस्सों के प्रति समझ और सम्मान बढ़ेगा।

 शैक्षणिक भ्रमण से मिलेगी रियल लाइफ लर्निंग

स्कूलों में अब सिर्फ किताबें नहीं, बल्कि फील्ड विज़िट्स भी पढ़ाई का हिस्सा होंगी। छात्रों को जिले के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसका मकसद है– बच्चों को अनुभव से सीखने का अवसर देना।

 हर शिक्षक को होगी पाठ्यक्रम पूरी करने की जिम्मेदारी

अब हर शिक्षक को महीनेवार योजना बनाकर अपनी ट्रेनिंग डायरी में दर्ज करनी होगी। इससे शिक्षण कार्य में अनुशासन और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रधानाचार्य समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे।

 ‘शक्ति मंच’ बनेगा छात्राओं की हिम्मत और आत्मविश्वास का आधार

मिशन शक्ति के तहत हर स्कूल में ‘शक्ति मंच’ की स्थापना होगी, जिसमें आत्मरक्षा, बाल अधिकार, महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर चर्चा होगी। खासकर बालिकाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त करने की दिशा में यह कदम अहम रहेगा।

 हर महीने होगा टेस्ट, ताकि समय रहते मिल सके फीडबैक

शिक्षकों और छात्रों दोनों को अब और भी सतर्क रहना होगा क्योंकि हर महीने एक टेस्ट ज़रूरी होगा। इससे बच्चों की प्रगति का आंकलन होता रहेगा। जनवरी 2026 तक पूरा पाठ्यक्रम पूरा कर लिया जाएगा, ताकि समय पर प्री-बोर्ड और वार्षिक परीक्षाएं कराई जा सकें।

 शिकायत पेटिका और फीडबैक डायरी से सुधरेगा स्कूल एनवायरनमेंट

अब हर स्कूल में होगी शिकायत पेटिका और हर छात्र को मिलेगी फीडबैक डायरी। बच्चे अपनी समस्याएं गुप्त रूप से लिख सकेंगे और शिक्षक उन्हें सुधार के सुझाव देंगे। इससे छात्रों को बेहतर बनने की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा।

जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि,

“इस सत्र में हमारा उद्देश्य केवल समयबद्ध शिक्षण नहीं, बल्कि गुणात्मक सुधार भी है। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के ज़रिए हम छात्रों को देश के हर कोने से जोड़ना चाहते हैं।”

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