
- हत्या के बाद माहौल गरमाया, परिजनों का आरोप – ‘बेटे का कोई कसूर नहीं था’
- इलाके में ‘हिंदू पलायन’ के लगे पोस्टर, लोगों ने जताई असुरक्षा की भावना
- राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़, विपक्ष और सत्तापक्ष आमने-सामने
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके सीलमपुर में गुरुवार रात एक 17 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि हमलावर मुस्लिम समुदाय के थे और पुरानी रंजिश के चलते युवक को निशाना बनाया गया। पीड़ित युवक न्यू सीलमपुर के जे-ब्लॉक का निवासी था और हमले के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
‘हिंदू पलायन’ के लगे पोस्टर, मकानों पर लिखा- “यह मकान बिकाऊ है”
हत्या की इस वारदात के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव का माहौल बन गया है। कई घरों के बाहर “हिंदू पलायन कर रहा है”, “योगी जी मदद करो”, और “यह मकान बिकाऊ है” जैसे संदेशों वाले पोस्टर चिपकाए गए हैं। लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।
परिजनों का आरोप – ‘बेटा निर्दोष था, उसकी जगह रंजिश हमसे थी’
मृतक की मां ने रोते हुए कहा, “हम तो पहले ही मकान बेचकर जाना चाह रहे थे। नहीं सोचा था कि हमारा बेटा ही चला जाएगा। उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था, फिर भी उसे मार दिया गया।” वहीं पिता ने बताया कि उन्होंने खुद देखा कि चार-पांच लड़के उनके बेटे पर चाकू से हमला कर रहे थे। उन्होंने कहा, “पहले भी कई हिंदू परिवार इस इलाके को छोड़ चुके हैं और अब बाकी लोग भी जाने की सोच रहे हैं।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज, सीएम और सांसद ने जताई चिंता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “मैंने पुलिस कमिश्नर से बात की है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।”
पूर्व मंत्री आतिशी ने दिल्ली की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह हत्या दर्शाती है कि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कितनी चरमराई हुई है। दिल्ली पुलिस क्या कर रही है?”
सांसद मनोज तिवारी ने इसे दलित युवक की हत्या बताते हुए कहा, “यह अत्यंत गंभीर मामला है। मैं खुद लगातार पुलिस अधिकारियों के संपर्क में हूं। अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे।”
पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं, CCTV और चश्मदीदों से पूछताछ
एडिशनल DCP (नॉर्थ ईस्ट) संदीप लांबा के अनुसार, “हम वारदात से जुड़े CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं और चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है। दिल्ली के कई इलाकों में बैरिकेडिंग कर जांच की जा रही है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं, CCTV और चश्मदीदों से पूछताछ
एडिशनल DCP (नॉर्थ ईस्ट) संदीप लांबा के अनुसार, “हम वारदात से जुड़े CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं और चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है। दिल्ली के कई इलाकों में बैरिकेडिंग कर जांच की जा रही है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
पृष्ठभूमि: 2020 में भी हिंसा की चपेट में रहा था सीलमपुर
सीलमपुर उन इलाकों में शामिल है जो 2020 की दिल्ली दंगों से बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उन दंगों में 53 लोगों की जान गई थी, जिनमें 40 मुसलमान और 13 हिंदू थे। पुलिस ने तब 758 मामले दर्ज किए थे और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया था।








