जलालपुर की सड़कें बोलती हैं ‘हमें बचाओ!’ – पर सुनता कौन है

  • गड्ढे से गहराता संकट: दुर्घटनाओं का बढ़ता खतरा
  • नगर पालिका का रुख़: जवाबदेही से बचने की कोशिश?
  • जनता की मांग: जवाब चाहिए, सिर्फ़ वादे नहीं

अम्बेडकरनगर। सुरहुरपुर रोड पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) आवास के पास बना विशाल गड्ढा न सिर्फ़ राहगीरों के लिए खतरा बन गया है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की पोल भी खोल रहा है। करीब एक महीने से इसकी मरम्मत न होने से स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट रहा है।

घटिया निर्माण, प्रशासन की अनदेखी

छह महीने पहले नगर पालिका ने इस मार्ग पर नालों और इंटरलॉकिंग का काम कराया था, लेकिन खराब सामग्री और निगरानी के अभाव में नाले की पटिया जल्द ही टूट गई। हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग एसडीएम, तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी (सीओ) जैसे अधिकारियों के रोज़ाना आवागमन का रास्ता है, फिर भी गड्ढे की तरफ़ किसी का ध्यान नहीं गया।

जनता का गुस्सा, सवाल बड़े

स्थानीय निवासी अशोक कुमार वर्मा नाराज़गी जताते हुए कहते हैं, “अगर प्रशासनिक अधिकारियों के आसपास की सड़कें ऐसी हालत में हैं, तो आम लोगों के इलाक़ों का क्या हाल होगा? एक महीने से कोई कार्रवाई नहीं हुई!”

नगर पालिका की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर ज़िम्मेदार अधिकारी खुद इस रास्ते से गुज़रते हैं और उन्हें यह दिखाई नहीं देता, तो फिर जनता की परेशानियों पर ध्यान देने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

क्या होगा समाधान?

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत मरम्मत की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला सिर्फ़ एक गड्ढे का नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता का भी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गड्ढे को भरने के साथ-साथ जनता के विश्वास को भी पाट पाएगा या नहीं।

Back to top button