
- नानावती-शाह आयोग की रिपोर्ट में मोदी और अफसरों को निर्दोष ठहराया
- हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देकर फांसी की सजा की मांग
- 1000 से ज्यादा लोगों की मौत, अहमदाबाद में हत्याएं
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट आज गोधरा कांड मामले की सुनवाई करेगा, जिसमें गुजरात हाईकोर्ट ने 11 दोषियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, बेंच ने कहा कि इस मामले में कम से कम दो हफ्ते का समय लगेगा और मामले की सुनवाई 6 और 7 मई को लगातार की जाएगी।
गोधरा कांड का घटनाक्रम
27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के कोच S-6 में आग लगने से अयोध्या से लौट रहे 59 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। इस कांड के बाद गुजरात में व्यापक दंगे भड़क उठे थे, जिनमें 1000 से ज्यादा लोग मारे गए। गोधरा कांड के बाद हुए दंगों में 790 मुसलमान और 254 हिंदू मारे गए थे।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका
गुजरात सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें 11 दोषियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया था। सरकार ने उन दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है जिनकी सजा में कमी की गई थी।
सजा में बदलाव और जाँच आयोग की रिपोर्ट
गोधरा कांड के दोषियों में से 31 को दोषी ठहराया गया था, जिनमें से 11 को फांसी और 20 को उम्रकैद की सजा मिली थी। गुजरात हाईकोर्ट ने 2017 में फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। इस फैसले के खिलाफ गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।








