
- वरिष्ठ अधिकारियों और सभी विभागों के कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति
- 14 से 29 सितम्बर तक विभिन्न प्रतियोगिताएं और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी
- आयोजन का उद्देश्य भाषा के प्रचार के साथ व्यवहारिक जागरूकता बढ़ाना
टांडा (अम्बेडकरनगर)। एनटीपीसी टांडा परियोजना में हिन्दी दिवस के अवसर पर 15 सितम्बर को हिन्दी पखवाड़ा 2025 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। परियोजना प्रमुख सम्मेलन कक्ष में आयोजित इस समारोह में कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को राजभाषा हिन्दी में कार्य के संकल्प की शपथ दिलाई और हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।
हिन्दी गोष्ठी में साहित्यिक वातावरण
हिन्दी पखवाड़ा के उद्घाटन के साथ ही हिन्दी गोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जो दो सत्रों में सम्पन्न हुई। प्रथम सत्र में युवा कार्यपालकों के साथ संवाद और द्वितीय सत्र में एसएमसी सदस्यों के साथ मुख्य गोष्ठी आयोजित की गई।
गोष्ठी के मुख्य वक्ता कवि अभय सिंह ‘निर्भीक’ रहे। उन्होंने हिन्दी की संवैधानिक मान्यता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 सितम्बर 1949 को हिन्दी को राजभाषा का दर्जा मिलने का निर्णय देश की सांस्कृतिक एकता की नींव है। उन्होंने हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए जारी प्रयासों की सराहना की और हिन्दी की महत्ता पर केंद्रित अपनी रचनाओं का काव्यपाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राजभाषा में कार्य करना गर्व की बात: जयदेव परिदा
कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा ने कहा कि हिन्दी में कार्य करना सहज, प्रभावी और गर्व की बात है। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा के अधिक उपयोग को भाषा के प्रति प्रतिबद्धता बताया और सभी विभागों से सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा जताई। उन्होंने हिन्दी पखवाड़ा 2025 के लिए शुभकामनाएं भी दीं।








