
लखनऊ: करीब 11 साल पुराने एलआईसी घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने फरार चल रहे आरोपी समीर जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को लखनऊ के एक मेट्रो स्टेशन से दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
2012 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला 13 अगस्त 2012 को एलआईसी, लखनऊ की शिकायत पर दर्ज किया गया था। आरोप था कि फरवरी 2006 से अगस्त 2010 के बीच जानकीपुरम स्थित एलआईसी कार्यालय में फर्जी चेक बनाकर करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई।
फर्जी क्लेम दिखाकर निकाले करोड़ों
सीबीआई जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गैर-मौजूद पॉलिसीधारकों के नाम पर फर्जी क्लेम तैयार किए और एलआईसी के फंड से करीब 6.37 करोड़ रुपए निकाल लिए। इस घोटाले को छिपाने के लिए खातों में हेरफेर और फर्जी एंट्री भी की गईं।
12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
जांच पूरी होने के बाद 21 अगस्त 2014 को सीबीआई ने 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें समीर जोशी का नाम भी शामिल था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने एलआईसी के तत्कालीन हायर ग्रेड असिस्टेंट पंकज सक्सेना के साथ मिलकर साजिश रची थी।
दोनों ने मिलकर समीर जोशी, उसकी पत्नी अंजू जोशी और कर्मचारी जितेंद्र कुमार के नाम पर फर्जी चेक तैयार किए।







