अकबरपुर रोडवेज डिपो की हालत बदहाल

  • अकबरपुर डिपो की बसों पर सवारियों की भारी कमी
  • नई एसी बस सेवा यात्रियों को नहीं कर पाई आकर्षित
  • निजी बस ऑपरेटरों की सस्ती दरों से रोडवेज परेशान

अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर जिले का प्रमुख अकबरपुर रोडवेज डिपो गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। डिपो से संचालित 91 बसें जिन रूटों पर पहले यात्री अधिक हुआ करते थे, अब वहां सवारियों का टोटा देखने को मिल रहा है। अयोध्या, लखनऊ, बलिया, प्रयागराज और दिल्ली जैसे व्यस्त रूटों पर भी लोड फैक्टर 35 प्रतिशत से नीचे पहुंच गया है।

1,464 रुपये वाली एसी बस को सिर्फ 19% लोड
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 16 अगस्त को शुरू की गई अकबरपुर से कौशांबी तक की नई एसी बस सेवा भी महज 19 प्रतिशत लोड फैक्टर ही हासिल कर पाई। ₹1,464 किराए वाली यह बस शुरुआत से ही यात्रियों को आकर्षित नहीं कर पा रही है।

डिपो प्रशासन की चिंता बढ़ी, घाटे में जा रहा संचालन
डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) हरिओम श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि निजी बसों की बढ़ती संख्या और उनके द्वारा रखे जा रहे कम किराए रोडवेज की सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं। वहीं, चालक और परिचालकों की कमी से संचालन में लगातार बाधा आ रही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई बसें तय रूटों पर नियमित रूप से नहीं चल पा रही हैं क्योंकि या तो ड्राइवर उपलब्ध नहीं हैं या फिर परिचालक की कमी है। यह स्थिति यात्रियों के विश्वास को भी प्रभावित कर रही है।

निजी बसों से मुकाबला कठिन, सस्ती दरों में दे रहे सेवा
अकबरपुर सहित जिले के आसपास के क्षेत्रों में चल रही निजी बसें यात्रियों को कम किराए में और अधिक बार सेवाएं दे रही हैं। इससे आम यात्री का झुकाव निजी ऑपरेटरों की ओर हो गया है।

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