
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इटावा के दादरपुर गांव में जातिगत हिंसा का शिकार हुए यादव कथावाचक मुकुट मणि सिंह को लखनऊ बुलाकर उन्हें ढाढ़स बंधाया। अखिलेश ने पीड़ित कथावाचक को ढोलक भेंट की, कथा सुनवाई और प्रोत्साहन स्वरूप 21-21 हजार रुपये भी दिए।
हालांकि, घोषणा 51-51 हजार रुपये देने की हुई थी।
अखिलेश का हमला- वर्चस्ववादी लोग रातभर पीटते हैं, सरकार है हार्टलेस
अखिलेश यादव ने इस घटना को सामाजिक प्रभुत्ववाद से जोड़ते हुए कहा कि,
“वर्चस्ववादी लोग अब सारी सीमाएं लांघ रहे हैं। ढोलक छीन लेते हैं, चोटी काट देते हैं, रातभर पीटते हैं। और ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि सरकार हर असंवैधानिक काम का समर्थन करती है। यह सरकार हार्टलेस हो गई है।”
अमित शाह पर बिना नाम लिए तंज
अखिलेश ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर बिना नाम लिए कटाक्ष करते हुए कहा,
“बिजली कटने से अस्पतालों में लोग मर रहे हैं और आप नजर उतारने में लगे हैं। नजर उतारने का तरीका तो सबने देखा, बस कोई बच ही गया।”
बता दें, रविवार शाम अमित शाह वाराणसी में काल भैरव मंदिर पहुंचे थे, जहां पुजारी ने पूजा के दौरान दंड से नजर उतारी थी।
इटावा में हुआ था हमला, चोटी काटी, सिर मुंडवाया
22 जून को इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के दादरपुर गांव में कथावाचक मुकुट मणि सिंह और उनके साथी के साथ कुछ ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने मारपीट की थी।
पीड़ित के अनुसार, उनसे जाति पूछी गई, और यादव बिरादरी का पता चलते ही उन्हें दलित बताकर अपमानित किया गया।
कथावाचक का आरोप है कि हमला करने वालों ने:
उनकी चोटी काट दी,
सिर मुंडवा दिया,
महिला के पैर पर नाक रगड़वाई,
हारमोनियम तोड़ दिया,
साथी का भी सिर मुंडवा दिया गया।
केस दर्ज, चार आरोपी गिरफ्तार
घटना का वीडियो सोमवार को वायरल हुआ, जिसके बाद कथावाचक सपा सांसद जितेन्द्र दोहरे के साथ एसएसपी से मिले।
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने:
चार नामजद आरोपियों (अतुल, मनीष, पप्पू बाबा, डीलर)
और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
फिलहाल, चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।








