
नई दिल्ली। अखिल भारतीय मांग दिवस के अवसर पर सोमवार, 2 फरवरी को देशभर में रेल कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन किया। आल इंडिया रेलवे मेन्स यूनियन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा के आह्वान पर विभिन्न रेल मंडलों, स्टेशनों और वर्कशॉपों में धरना-प्रदर्शन किया गया। नॉर्दर्न रेलवे के डीआरएम कार्यालय पर भी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को रेलवे प्रशासन के समक्ष रखा।
कर्मचारियों ने आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, रेलवे कर्मचारियों और पेंशनरों को न्याय दिलाने, जोखिम भत्ते और कठिन ड्यूटी भत्ते शीघ्र देने तथा सुरक्षा कर्मचारियों के सम्मान से जुड़ी मांगों पर जोर दिया।
ग्रेड पे, भत्ते और कैडर पुनर्गठन की मांगें
- ट्रैक मेंटेनरों को ग्रेड पे 4200 देने की मांग
- सभी एलडीसी पर समान नियम लागू करने की अपील
- पॉइंट्समैन को चार ग्रेड पे देने की मांग
- ग्रेड-1 और ग्रेड-2 टेक्नीशियन के विलय को समाप्त करने की मांग
- महिला कर्मचारियों को विभाग परिवर्तन की सुविधा देने की मांग
- लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर के बढ़े हुए किलोमीटर भत्ते तुरंत लागू करने और कैडर पुनर्गठन को अंतिम रूप देने की मांग
सुरक्षा, नियुक्ति और सुविधाओं से जुड़ी मांगें
- नई ट्रेनें, नई लाइनें और नए पद सृजित करने की मांग
- पेट्रोलिंग ड्यूटी में दो कर्मचारियों की व्यवस्था करने और लंबाई घटाकर 12 किलोमीटर करने की मांग
- लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर का ग्रेड पे 4600 और 4800 करने की मांग
- माता-पिता को प्रिविलेज पास देने, वास्तविक बेसिक वेतन पर बोनस देने और रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने की मांग
रेल कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इन्हें शीघ्र पूरा करने की जरूरत है।








