
- अमरनाथ यात्रा के लिए 1 लाख जवान तैनात
- बालटाल और पहलगाम रूट पर 35 हजार जवान
- 4,000 CCTV कैमरे और 6 कंट्रोल रूम
श्रीनगर। 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के साथ होगी। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस साल यात्रा मार्गों पर सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। जम्मू से पवित्र गुफा तक सुरक्षा की जिम्मेदारी करीब 1 लाख सुरक्षाकर्मियों को सौंपी गई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, 2024 में जहां 40 हजार जवान तैनात थे, वहीं इस बार सिर्फ 60 किमी यात्रा रूट पर ही 35 हजार जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा हाई रेजोल्यूशन और फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी वाले 4,000 CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिन्हें 6 कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा।
दो प्रमुख रूट, पूरे रास्ते सुरक्षा का कड़ा घेरा
बालटाल रूट: 14 किमी लंबा, बालटाल से सीधे पवित्र गुफा तक जाता है।
पहलगाम रूट: 46 किमी लंबा, अधिक कठिन लेकिन पारंपरिक मार्ग।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड दोनों रूटों पर ट्रैक क्लियर करने और सुविधाएं विकसित करने में जुटा है। बालटाल, नीलग्रथ डोमेल, संगम और लोअर गुफा सहित कई स्थानों पर शिविर और यात्री भवन बनाए जा रहे हैं।
तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए विशेष तैयारियां
देशभर से अब तक 4 लाख से अधिक श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं।
बालटाल और नंदीवान बेस कैंप पर दो नए यात्री भवन बनाए जा रहे हैं।
पंथाचौक स्थित यात्री निवास की क्षमता बढ़ाकर 1,000 यात्रियों की की जा रही है।
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5,000 शौचालय, 2,000 सफाईकर्मी सेवा में लगाए जाएंगे।
हेलिकॉप्टर सेवा और ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी
हेलिकॉप्टर बुकिंग जून से शुरू होगी।
बालटाल और पहलगाम दोनों रूटों पर पंचतरणी तक हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध होगी।
रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग सभी वाहनों और तीर्थयात्रियों पर लगाए जाएंगे।
IGP ने कहा: ‘यात्रा की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं’
कश्मीर जोन के आईजीपी वी.के. बिर्दी ने कहा कि यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित संपन्न कराना हमारी प्राथमिकता है। CRPF और अन्य बल यात्रियों को सुरक्षित आधार शिविरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।








