
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय गो संरक्षण एवं अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल और सदस्य दीपक गोयल ने की।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष त्र्यंबक तिवारी, पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योत्सना बंधु सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
गोवंश संरक्षण योजनाओं की समीक्षा
उपाध्यक्ष महेश शुक्ल ने विभागवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शासन की सभी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने गोचर भूमि को चिन्हित कर उसके विकास पर जोर दिया।
डीसी मनरेगा को चारागाह विकास के कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। सभी उप जिलाधिकारियों को गोचर भूमि की पहचान कर उसे विकसित करने को कहा गया।
प्रदेश में गोसेवा पर विशेष जोर
उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार गोसेवा को केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारी मानकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 7700 से अधिक गौशालाएं संचालित हैं, जहां 16 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं।
निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना गोपालकों की आय बढ़ाने में भी सहायक है।
अंबेडकरनगर में स्थिति
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में 39 गौशालाएं सक्रिय हैं, जहां 10,572 गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा 1682 प्रगतिशील गोपालकों ने 2461 गोवंश को अपनाया है।
सुरक्षा और निगरानी पर जोर
बैठक में बताया गया कि 5446 गौशालाओं में 7592 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित हो रही है। गोवध निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।









