
अम्बेडकरनगर के महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के मेडिसिन विभाग में भर्ती एमबीबीएस छात्र जयप्रकाश के पिता रामकमल को कम प्लेटलेट की गंभीर समस्या के चलते भर्ती किया गया। प्रारंभ में उन्हें रैंडम डोनर प्लेटलेट चढ़ाया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
स्थिति को देखते हुए ब्लड सेंटर के प्रभारी डॉ. मनोज कुमार गुप्ता और डॉ. श्वेता ने मरीज को अफेरेसिस तकनीक से सिंगल डोनर प्लेटलेट (SDP) चढ़ाने की सलाह दी।
डोनर की उपलब्धता बनी चुनौती
इस प्रक्रिया के लिए उसी रक्त समूह के स्वैच्छिक डोनर की आवश्यकता थी, जो लंबी प्रक्रिया के लिए तैयार हो। इस दौरान एमबीबीएस छात्र आदित्य कटिहार ने डोनर के रूप में आगे आकर प्रक्रिया को संभव बनाया।
अफेरेसिस टीम ने पूरी की प्रक्रिया
रविवार को अफेरेसिस टीम ने निगरानी में प्रक्रिया पूरी की। इसमें डॉ. महेश यादव, लैब टेक्नीशियन राकेश, राजकुमार, नवीन और सूरज शामिल रहे। पूरी प्रक्रिया सतत निगरानी में सुरक्षित रूप से संपन्न हुई।प्रक्रिया के बाद मरीज की स्थिति में सुधार दर्ज किया गया।
जागरूकता की अपील
ब्लड सेंटर प्रभारी डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि अफेरेसिस सुविधा गंभीर मरीजों के लिए उपयोगी है। उन्होंने लोगों से इस तकनीक के प्रति जागरूक होने और जरूरत पड़ने पर आगे आने की अपील की।









