अंबेडकरनगर। कटका थाना क्षेत्र के अनूप यादव की मौत के मामले में न्यायालय के आदेश से जांच फिर शुरू होगी। पुलिस की ओर से मौत को सड़क दुर्घटना मानते हुए दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट न्यायालय ने निरस्त कर दी है। 17 अक्तूबर को पारित आदेश में किसी अन्य विवेचक से मामले की पुनर्विवेचना कराने का निर्देश दिया गया है। इससे अब मौत से जुड़े उन सवालों की दोबारा जांच होगी, जिन पर मृतक के भाई ने आपत्ति जताई थी।
दुर्घटना की परिस्थितियों पर उठाए थे सवाल
मृतक के भाई रामस्वरूप ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ न्यायालय में प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। उनका कहना था कि अनूप की मौत को दुर्घटना बताया गया, लेकिन घटनाक्रम और परिस्थितियां संदेह पैदा करती हैं। उन्होंने विवेचना में कई बिंदुओं पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
रात में फोन कर दी थी घायल होने की सूचना
प्रार्थना पत्र के मुताबिक, 20 नवंबर 2025 को विवेक राजभर अनूप यादव को मोटरसाइकिल से अपने साथ ले गया था। रात में उसने फोन कर अनूप के दुर्घटना में घायल होने की सूचना दी। परिजन अस्पताल पहुंचे तो अनूप मृत मिला।
रामस्वरूप ने दुर्घटना के हालात, मोटरसाइकिल पर क्षति नहीं होने और अनूप को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने हत्या की आशंका भी जताई थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
30 नवंबर को दाखिल हुई थी अंतिम रिपोर्ट
पुलिस ने विवेचना के बाद घटना को सड़क दुर्घटना मानते हुए 30 नवंबर 2025 को न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। मृतक के भाई की आपत्तियों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने इसे निरस्त कर दिया और नए सिरे से जांच का आदेश दिया।









