अंबेडकरनगर। बी-पैक्स जीवत स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर खरीद के नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। जांच के दौरान केंद्र पर निर्धारित सीमा से अधिक गेहूं मिलने के बाद खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठे। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता राघवेंद्र प्रताप शुक्ल की तहरीर पर केंद्र प्रभारी और सचिव धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ जलालपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
90 बोरी की सीमा, मौके पर मिली 135 बोरी
मामले की शुरुआत किसान सुशील कुमार चौधरी की शिकायत के बाद हुई जांच से हुई। 30 अप्रैल को अधिकारियों ने केंद्र का निरीक्षण किया। उस समय मौके पर कोई किसान मौजूद नहीं था। केंद्र प्रभारी ने बताया कि वहां रखा गेहूं देवमणि द्विवेदी का है, लेकिन वह भी मौके पर नहीं मिले।
जांच में सामने आया कि क्रय केंद्र पर एक किसान के नाम अधिकतम 45 क्विंटल यानी 90 बोरी गेहूं दर्ज किया जा सकता था। इसके बावजूद मौके पर 135 बोरी गेहूं मिली। बाद में सुनीमणि द्विवेदी के पंजीकरण का भी उल्लेख किया गया, लेकिन निरीक्षण के समय इससे संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
घर से तौल कराने की बात ने भी खड़े किए सवाल
जांच के दौरान केंद्र प्रभारी ने नियमों की जानकारी नहीं होने की बात कही। यह भी बताया गया कि कुछ गेहूं किसानों के घर से तौल कराया गया। जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि खरीद शुरू होने से पहले केंद्र प्रभारी को नियमों की जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया था।









