
- बेटे की अस्थि विसर्जन के लिए जा रहे थे परिजन
- सड़क हादसे में पिता, मां, जीजा और ड्राइवर की मौके पर मौत
- 36 घंटे में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत से मातम
झांसी। झांसी निवासी रामकुमार भार्गव, जो रेलवे से सेवानिवृत्त CTI थे, बेटे आदित्य की अस्थियां विसर्जित करने प्रयागराज जा रहे थे। उनके साथ पत्नी कमलेश, दामाद पराग और ड्राइवर शिवम भी थे। शनिवार सुबह फतेहपुर में तेज रफ्तार अर्टिगा कार डंपर में जा घुसी, जिससे मौके पर ही चारों की मौत हो गई।
महज कुछ दिन पहले आदित्य की उज्जैन में नर्मदा नदी में डूबने से मौत हुई थी। वह पत्नी चारू के साथ ओंकारेश्वर दर्शन को गए थे। स्नान करते समय आदित्य बहाव में बह गए और चार दिनों तक उनका शव नहीं मिला। जब मिला, तब झांसी लाकर अंतिम संस्कार किया गया।
शैलेंद्र भार्गव, जो आदित्य के बड़े भाई हैं, अब केवल अफसोस कर रहे हैं कि अगर भाई चारू का दुपट्टा पकड़ पाता, तो शायद आज परिवार जिंदा होता। उन्होंने रोते हुए बताया कि उनके जीजा पराग परिवार के हर संकट में साथ खड़े रहते थे।
रामकुमार भार्गव के भतीजे ने बताया कि उन्होंने जीवनभर बच्चों की तरक्की के लिए खुद की जरूरतें दरकिनार कीं। उनका सपना था कि बेटे आगे बढ़ें और सफल हों। आदित्य ने यह सपना पूरा भी किया, लेकिन समय ने ऐसी करवट ली कि पूरा परिवार बिखर गया।
अब इस परिवार में सिर्फ कुछ यादें, मातम और कुछ अपूर्ण सपने शेष रह गए हैं। मोहल्ले में सन्नाटा पसरा है और हर कोई इस हृदयविदारक हादसे से स्तब्ध है।






