सिर्फ कानूनी मान्य जानवरों की ही कुर्बानी की अपील

  • कुर्बानी के बाद अपशिष्ट को सड़कों पर न फेंकने की सलाह
  • मांस को पैक करके ही बांटें, खुले में न ले जाएं
  • खून को नालियों में बहाने के बजाय मिट्टी में दबाएं

लखनऊ। बकरीद को लेकर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने एक महत्वपूर्ण 12 बिंदुओं वाली एडवाइजरी जारी की है। 7 जून से शुरू होकर 9 जून तक चलने वाले इस पर्व के लिए यह दिशा-निर्देश ईदगाह के इमाम और इस्लामिक सेंटर के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली द्वारा जारी किए गए हैं। उन्होंने सभी मुसलमानों से अपील की है कि कुर्बानी के दौरान देश के कानून, सफाई और धार्मिक सौहार्द का विशेष ध्यान रखा जाए।

कानूनी प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी से बचें

मौलाना फिरंगी महली ने कहा कि कुर्बानी कोई परंपरा मात्र नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत इब्राहीम और इस्माईल अलैहिस्सलाम की सुन्नत है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल उन्हीं जानवरों की दें, जिन पर कानूनन कोई रोक नहीं है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि यह इबादत केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों के लिए है।

स्वच्छता, शांति और धार्मिक सौहार्द का पालन अनिवार्य

एडवाइजरी में खासतौर पर कहा गया है कि जानवरों के अपशिष्ट को सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंका जाए, बल्कि नगर निगम द्वारा चिन्हित स्थानों पर ही उनका निस्तारण किया जाए। साथ ही, कुर्बानी का खून नालियों में बहाने की बजाय मिट्टी में दफन करने की सलाह दी गई है।

खुले में न ले जाएं मांस, गरीबों को बांटें गोश्त

कुर्बानी के बाद मांस को ठीक से पैक करके ही बांटने की सलाह दी गई है। खुले में मांस ले जाना न केवल अनुचित है बल्कि यह दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि कुर्बानी के मांस का एक तिहाई हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों में जरूर बांटा जाए।

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