
- संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान में भाषा और किरायेदारी बनेंगे प्रमुख संकेत
- पर्यटक स्थलों और मंदिरों के आस-पास संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर
- सड़कों और रेलवे ट्रैक किनारे रह रहे लोगों का होगा गहन सत्यापन
वाराणसी। वाराणसी पुलिस को शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी अवैध नागरिकों की गतिविधियों केबारे में जानकारी मिली है। इनमें से कई लोग फेरीवालों और भिखारियों के रूप में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मंदिरों और अन्य पर्यटन स्थलों पर देखे गए हैं। पुलिस ने इनकी पहचान करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
भाषा और किराये के मकान से होगी पहचान
पुलिस के अनुसार, लंबे समय से रहने के कारण इन अवैध नागरिकों की पहचान करना मुश्किल हो गया है, लेकिन भाषा और किराए के मकान के दस्तावेजों की जांच से इन्हें पकड़ा जा सकता है। पुलिस टीमें सड़कों, रेलवे ट्रैक के किनारे, गांवों के बाहरी इलाकों, पार्कों और खुले मैदानों में रहने वाले लोगों की जांच करेंगी।
ATS और NIA भी कर रही है जांच
इससे पहले, एटीएस और एनआईए की टीमें भी रोहिंग्या अवैध नागरिकों की तलाश में जुटी थीं, जिनमें से दो को हाल ही में सारनाथ से गिरफ्तार किया गया था। अब पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर वाराणसी के तीनों जोन (काशी, गोमती और वरुणा) की पुलिस टीमें भी कार्रवाई करेंगी।
गंगा घाटों और शैक्षणिक संस्थानों पर विशेष निगरानी
मंगलवार को हुई बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने गंगा घाटों, बीएचयू और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिकाई और इस्तेमाल पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही, गौ-तस्करी, अवैध शराब, मादक पदार्थ और अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया।
ऑनलाइन सट्टे और जुए पर शिकंजा
पुलिस कमिश्नर ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई करने को कहा। साथ ही, होटल, लॉज और ढाबों पर अचानक छापेमारी कर अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
CCTV लगाने के लिए ग्राम प्रधानों से संपर्क
ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थानों, बाजारों और मार्गों पर CCTV कैमरे लगवाने के लिए पुलिस को ग्राम प्रधानों और स्थानीय नागरिकों से संपर्क करने को कहा गया।
किराएदारों का सत्यापन जरूरी
पुलिस ने मकान मालिकों को निर्देश दिया कि वे किसी को भी किराए पर मकान देने से पहले उसका पूरा सत्यापन करें। अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








